News

बाबर के नाम पर मुर्दाबाद कहने वाले हुमायूं कबीर क्यों बनाना चाहते हैं बाबरी मस्जिद?

humayun-kabir-1-4 बाबर के नाम पर मुर्दाबाद कहने वाले हुमायूं कबीर क्यों बनाना चाहते हैं बाबरी मस्जिद?

बाबर से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, मुझे उससे कोई प्यार नहीं, बाबर मेरा हीरो नहीं है, उससे मेरा कोई रिश्ता नहीं, बाबर मुर्दाबाद है… ये कहना है टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर का जो इन दिनों बाबरी मस्जिद बनाने को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जब हुमायूं कबीर को बाबर से कोई प्यार नहीं है वो उन्हें हीरो नहीं मानते हैं तो फिर उसके नाम पर ही मस्जिद बनाने पर क्यों अड़े हुए हैं, ऐसी क्या वजह है कि वो एक अक्रामक के नाम पर मस्जिद बनाना चाहते हैं…जाहिर ये सवाल आपके जेहन में भी उठ रहा होगा…तो चलिए आपको बताते हैं.

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लेकिन चुनाव से पहले ही यहां राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद बनाना चाहते हैं, जिसको लेकर वो लगातार बीजेपी के निशाने पर हैं. हालांकि हुमायूं खुद भी ये बात मानते हैं कि बाबर अक्रामक था. बावजूद इसके वो उसके नाम पर मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं. उनका कहना है कि बाबर से उन्हें कोई प्यार नहीं है, लेकिन जिस मस्जिद को तोड़ा गया उस मस्जिद से उनका रिश्ता है. बाबरी मस्जिद से मेरा रिश्ता है.

‘मस्जिद अल्लाह का घर है, उसे तोड़ दिया’

टीवी9 भारतवर्ष से बात करते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि पूरे भारत की जो मुसलमान आबादी है उनके लिए बाबर जो मस्जिद बनाकर गया था वो अल्लाह का घर था. जिसे 6 दिसंबर 1992 को तोड़ दिया गया. उन्होंने कहा कि बाबर को कोई प्यार नहीं करता, लेकिन मस्जिद अल्लाह का घर है, इबादत की जगह है, उसे तोड़ दिया, जिसकी वजह से पूरे भारत के मुसलमानों में दुख है, वो इमोशनल हैं, जिसकी वजह से वो मस्जिद बना रहे हैं.

‘बाबर को मुर्दाबाद बोलना ही चाहिए’

इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि बाबर ने अपने शासनकाल में कई तरह के गलत काम किए. उन्होंने कहा कि बाबर मुर्दाबाद बोलने से भी उन्हें कोई परेशानी नहीं है, उसे मुर्दाबाद बोलना ही चाहिए. हुमायूं कबीर ने साफ कहा कि उनका बाबर के साथ कोई रिश्ता नहीं है, उनका रिश्ता बाबरी मस्जिद के साथ है. उन्होंने कहा कि बाबर के लिए उनके दिल में कोई प्यार नहीं है. उन्होंने कहा कि बाबर ने जो मस्जिद बनाई थी वो मेरे अल्लाह का घर है , इबादत की जगह है, नमाज पढ़ने की जगह है, इसीलिए वो मस्जिद बनाएंगे और उन्हें कोई रोक नहीं सकता.

‘मेरे बेटे का नाम क्या होगा ये मैं तय करूंगा’

मस्जिद को बाबर नाम दिए जाने के सवाल पर हुमायूं कबीर ने कहा कि अगर मेरा बेटा जन्म लेता है तो उसका नाम क्या होगा ये कोई दूसरा कैसे बताएगा. नाम रखने का हक मेरा होगा और मैं ही उसका फैसला करूंगा. उन्होंने कहा कि मस्जिद का नाम बाबर रखा जाए, अकबर रखा जाए, हुमायूं रखा जाए, या शाहजहां रखा जाए ये तय करने वाला कोई नहीं होगा. इसका फैसला मैं करूंगा और मुझे किसी के सुझाव की जरूरत नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि भारत देश उनका भी है और यहां जितना हक दूसरों का है उतना ही हक उनका भी है.

यह भी पढ़ें- खुद को बंगाल का ओवैसी क्यों बता रहे हैं हुमायूं कबीर, TMC के लिए कितनी बड़ी चुनौती?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *