फर्जी IAS अधिकारियों के लेटर्स, फोन में 11 विदेशी कॉन्टैक्ट्स… मुंबई में पकड़ी गई लड़की के पास क्या-क्या मिला?

महाराष्ट्र के छत्रपती संभाजीनगर पुलिस ने धोखाधड़ी और संवेदनशील विदेशी संपर्कों के मामले में एक युवती और उसके कथिक बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है. मामले में कोर्ट ने दोनों को 10 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है ताकि मोबाइल फोरेंसिक, बैंक लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय कॉल-लॉग की जांच पूरी की जा सके. मामला राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण इसमें अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) राज्य ATS और केंद्रीय जांच इकाइयां भी शामिल हो गई हैं.
मामला जिले के सिडको थाना क्षेत्र का है. यहां एक युवती व युवक को संदिग्ध गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया है. मामले में युवती की पहचान कल्पना त्रिम्बकरो भगवत और उसके कथित बॉयफ्रेंड की पहचान अभिषेक चौधरी के नाम से हुई है. शुरुआती जांच में पुलिस ने कल्पना के पास से कथित आईएएस अपॉइंटमेंट लेटर, एक नकली (फर्जी) आधार कार्ड और कई डिजिटल प्रमाण बरामद किए हैं.
छानबीन में चौंकाने वाला खुलासा
सबसे चौंकाने वाला खुलासा उसके फोन से हुआ है, जहां पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संबंधित करीब 11 विदेशी नंबर पाए गए हैं. एजेंसियों को मोबाइल फोरेंसिक से पता चला है कि यह महिला इन विदेशी संपर्कों-खासकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और उज्बेकिस्तान के लोगों से लगातार बातचीत कर रही थी. एजेंसियों द्वारा इन संपर्कों की सत्यता और बातचीत के प्रकृति की जांच कर रही हैं.
मामले में उसके खातों में इस साल 1 जनवरी से 21 नवंबर के बीच विभिन्न व्यक्तियों से कुल लगभग 32.6 लाख जमा हुए हैं. इसके अतिरिक्त, पुलिस ने एक बड़े मूल्य का, कथित तौर पर 19.6 करोड़ का, चेक भी बरामद किया है, जिस पर जांच एजेंसियां विशेष रूप से सतर्क हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से गहन जांच कर रही हैं.
मामले की हो रही जांच
पुलिस के अनुसार, कल्पना भगवत ने कथित तौर पर अभिषेक चौधरी को खुद को ‘केंद्रीय गृह मंत्री का ओएसडी (OSD)’ के रूप में पेश करने के लिए इस्तेमाल किया था. उसके फोन में अभिषेक का संपर्क इसी तरह सेव था. चौधरी को दिल्ली से ट्रैक कर गिरफ्तार किया गया है, और अब जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क और इस साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका की तहकीकात कर रही हैं.
जांच में जुटी पुलिस
जांच में कल्पना के कई संदिग्ध पहलू भी सामने आए हैं. उसने कई बार पांच सितारा होटलों में लंबी अवधि तक ठहरने के लिए फर्जी दस्तावेज और संबंधों का सहारा लिया. उसके फोन से कुछ ऐसे डिजिटल रूप से बदले हुए फोटोग्राफ भी मिले हैं, जिनमें उसे प्रमुख नेताओं के साथ या गृह मंत्रालय की पोशाक में दिखाया गया था. आशंका है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल विश्वास हासिल करने और वीजा/अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में धोखाधड़ी करने के लिए किया गया था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है