News

स्पेन से पोलैंड तक, यूरोप के ये देश बने भारत की ताकत, बढ़कर इतना हुआ एक्सपोर्ट

tariff स्पेन से पोलैंड तक, यूरोप के ये देश बने भारत की ताकत, बढ़कर इतना हुआ एक्सपोर्ट

स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड जैसे यूरोपीय देश भारत के लिए अहम निर्यात बाजार बनकर उभर रहे हैं. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (EU) में भारत के सामान के लिए स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड अब मजबूत और अहम निर्यात बाजार बने हैं. आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय निर्यात के लिए स्पेन यूरोप का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है. वित्त वर्ष के अप्रैलनवंबर के दौरान स्पेन को भारत का निर्यात 56 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 3 अरब डॉलर से 4.7 अरब डॉलर हो गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 3 अरब डॉलर था.

भारत के कुल निर्यात में स्पेन की हिस्सेदारी बढ़कर 2.4 फीसदी हो गई है. इसमें 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई, जो इस अवधि में यूरोपीय देशों के बीच सबसे ज्यादा है. इसी तरह, इस वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों (अप्रैलनवंबर) में जर्मनी को भारत का निर्यात 9.3 फीसदी बढ़कर 6.8 अरब डॉलर से 7.5 अरब डॉलर हो गया. मंत्रालय के मुताबिक, भारत के कुल निर्यात में 2.6 फीसदी हिस्सेदारी और 0.2 प्रतिशत अंक की बढ़त के साथ जर्मनी भारतीय उत्पादों के लिए लगातार स्थिर मांग बनाए हुए है. अप्रैलनवंबर 2025-26 के दौरान बेल्जियम को भारत का निर्यात भी बढ़कर 4.2 अरब डॉलर से 4.4 अरब डॉलर हो गया. वहीं, पोलैंड को भारत का निर्यात अप्रैलनवंबर 2024 में 1.69 अरब डॉलर था, जो इस अवधि में 7.6 फीसदी बढ़कर 1.82 अरब डॉलर पहुंच गया.

भारत की निर्यात रणनीति संतुलित

इन सभी रुझानों से साफ होता है कि भारत की यूरोप के लिए निर्यात रणनीति संतुलित है. स्पेन में तेज बढ़त, जर्मनी में लगातार विस्तार और बेल्जियम में मजबूती दिखाती है कि भारत पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़ते हुए नए बाजारों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है. भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत चल रही है. इसके चलते वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद दोनों के बीच व्यापार में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है.

यूरोप सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर रहा. इससे EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया. EU बाजार में भारत के कुल निर्यात का करीब 17 फीसदी हिस्सा जाता है, जबकि EU के कुल विदेशी निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 9 फीसदी है. अगर भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता लागू होता है, तो रेडीमेड कपड़े, दवाइयां, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे भारतीय सामान EU बाजार में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *